गीत- अमर रहे गणतंत्र हमारा
अमर रहे गणतंत्र हमारा , ये भारत की शान।
इसके खातिर ही वीरों ने, दे दी अपनी जान।
मेरा भारत प्यारा भारत, बलिदानों की यह धरती।
अनुपम नदियाँ कल-कल बहती, गंगा पापों को हरती।
विविध रूप अरु भाषा शैली, मेरा देश महान।
अमर रहे गणतंत्र हमारा , ये भारत की शान।
हिंदू मुस्लिम सिक्ख इसाई , सबने दी कुर्बानी है।
मातृभूमि की आजादी मे , पागल हुई जवानी है।
तब जाकर गणतंत्र बना है, प्रभावी संविधान।
अमर रहे गणतंत्र हमारा , ये भारत की शान।
वीरों ने अपने शोणित से , इसको हरदम सींचा है।
तोप और तलवार नोक से, अरि की सीमा खींचा है।
नमन करें हम उनको जिनके , दिल मे हिंदुस्तान।
अमर रहे गणतंत्र हमारा , ये भारत की शान।
लागू यह छब्बीस जनवरी , सन उन्निस सौ पचास मे।
अधिकार मिले कर्तव्यों सँग, समतामूलक कि आस मे।
रंजन कभी नही भूलेगा, भारत गौरव गान।
अमर रहे गणतंत्र हमारा , ये भारत की शान।
~ राजेश तिवारी”रंजन” बाँदा उत्तर प्रदेश
