“आज जीवन के पन्नों पर नई सुबह आई है
उम्मीद के दामन में रखे शब्दों ने प्रेरणा बन
एक नई सकारात्मक शुरुआत लाई है!!
ना हो कभी निराशा वो आशा की किरण छाई है
कलम कि ताकत बनी रोशनी से ऊर्जा बन
एक नई सकारात्मक शुरुआत लाई है!!
ना रुकते कदमों ने आज नभ तक उड़ान लगाई है
अरमानों के पंख बने सपनों ने इंद्रधनुष बन
एक नई सकारात्मक शुरुआत लाई है!!
ना सुर ना रागिनी कविता में मेरे छाई है
वर्णों के शब्द बन पन्नों पर साहित्य-गरिमा बन
एक नई सकारात्मक शुरुआत लाई है!!
आज जीवन के पन्नों पर नई सुबह आई है
उम्मीद के दामन में रखे शब्दों से प्रेरणा बन
एक नई सकारात्मक शुरुआत लाई है!!
पूनम मिश्रा सुभद्रा देवी
