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चंद्रगिरी में चंद्रप्रभु के चरणों में तुम लीन हुए/ विरेन्द्र जैन “माहिर”
इश्क़ कचौरी से/ अभिषेक शर्मा
तुलसी तू ही है प्यार की सच्ची सूरत/ सुहास लहुरीकर
शांत चेहरे के पीछे का तूफान/ सौ,भावना मोहन विधानी
हे नारी तुम कलयुग में भी धर्म पग पर चलती जाओ/भाग्यश्री
लगा दो कितने ही ताले मेरे मुंह पे /रामचन्द्र श्रीवास्तव
खामोशी की गूंज/
मां के बिना कोई अपना सा न दिखता है/ नीलिमा सिंघल
हिसाब लगाकर बैठे है / गौतम चमन
अभी बाकि है / डॉ स्वाति जाजू
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