जिंदगी / डॉ. प्रभा जैन “श्री “

मिलती सबसे अच्छी शिक्षा
पल-पल नया पाठ सिखाती,
बताती, खायी है जो चोट दिल पर
दी वो किसी अपने ने।

उठाया फ़ायदा हमसे ताउम्र
और गलती भी हमारी निकाली,
ऐसे इंसानों को अभी करो दूर
आजमाये इंसान को मौका अब नहीं।

देती है जिंदगी सीख
सहन कर किसी की गद्दारी,
रोये रात भर, भूला कर सब
उठो मुस्कुराते, भोर का स्वागत करो।

जिंदगी का पाठ अब
कभी भूलना नहीं,
जहाँ आदर नहीं, वहाँ जाना नहीं
जो नहीं सुनना चाहता, उसे सुनाना नहीं।

रखो अपने स्वास्थ्य का ध्यान
यह शरीर-मन-आत्मा है तुम्हारी,
करो जितनी मर्जी बातें अपने से
प्यार से अपने को रखो।

~ डॉ. प्रभा जैन “श्री “
देहरादून

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