प्यार के दो शब्द बोल दें,
अपने मन की गांठे खोल दें।
यूं हाँ ना हाँ ना बस रहने दें,
दिल पर दस्तक देने दें।।
तेरे बालो को सहलाने दे,
महक प्यार की आने दे।
तेरी मधुर राग यूं सुनने दे,
पायल की झनकार बजने दें।।
प्यार के दरिया में आने दे,
तेरा थाम के हाथ चलने दे।
ग़र खता हुई तो सजा दे,
अपनी नजरों से ना गिरने दें।।
मुझे यूं गीत खुशी के गाने दे,
तेरे नयनो का काज़़ल बनने दे।
तेरे हाथों में कंगन सजाने दें,
तेरे कदमों से कदम मिलाने दें।।
ना मेरे दिल में नासूर होने दें,
ना बाधाओ को आने दे।
आसांं नहीं है प्यार की राह,
तेरे ग़म से नाता जुड़ने दें।।
हमारे आँगन में पुष्प खिलने दें,
हमें मिलकर आगे बढ़ने दें।
हमको बाधाओं से लड़ने दे,
मन्नू दिल पर दस्तक देने दें।।
~ मुन्ना राम मेघवाल
कोलिया,डीडवाना,राजस्थान
