मां के बिना कोई अपना सा न दिखता है
हर तरफ मन बस मां को तकता है
कुशल शेम हर क्षण मां ने ही पूछा है,
बाकी रिश्तों ने तो हर दम मुख ही मोड़ा है,
मां से ही कायम वजूद मेरा है,
मां के बिन हर काम अधूरा है
मां है तो हर सपना मेरा पूरा है
है ईश्वर लंबी उम्र दे मेरी मां को
ताकि मैं मत कर सकूं हर चुनौती को।।
~ नीलिमा सिंघल
