मेरी भाषा बोली मधुर स्वरों वाली है
सबका ध्यान आकर्षित करने वाली है
भारत मां के जय गुंज से मैने सीखी है
मेरी भाषा सरल सौम्यता भोली बोली है
सबसे सरल यह बोली हिंदी हमारी भाषा है
सबकी जुंवा पर ऐसी घुली मिश्री की ढेली है
एकता के सूत्र बंधी यह भारत की पहचान है
मुझे मेरी भाषा पर मिली शौहरत पहचान है
मै भारतीय हूँ भारत मां की अनोखी बेटी हूँ
भारत कि सीमा पर देश की रक्षा करती हूँ
सौभाग्य वान बन कर दिन रात सेवा करती हूँ
आंच न आने दूंगी मां पर खूद पर गर्व करती हूँ
विदेशी पटल पर हिंदी भाषा ने जादू बिखेरा है
हिंदी की बिंदी ने फिर चांद पर जादू बिखेरा है
आओ विश्व बंधुओं मिलकर बंदे मातरम् गाए है
हिंदी भाषा कमजोर नही सबके दिलों में बसती है
आसमान से जमीं तक कण कण में यह बसती है
अरबों लोगों की पहचान बनी मुझे गर्व पहुंचाती है
भाषा नही यह तो भारतीयों की पहचान कराती है
मुझे हिंदुस्तानी का सदैव आभास मेरी बोली कराती है।
डॉ उर्मिला कुमारी “साईप्रीत”
जिला कटनी ,संभाग जबलपुर,मध्यप्रदेश
