मेरे देश की मिट्टी मेरी खुशबु है/ नीतू नागर अम्बर

मेरे देश की मिट्टी मेरी खुशबु है,
इस खुशबू से महक ये जहान है,
इस जहान में अस्तित्व उस हिन्द का,
ये देश मेरा बलिदानों से सींचकर बना है।

मेरी पहचान मेरी धरोहर मेरे मूल्यों में,
मेरा रंग मेरा नूर मेरा नाम वेश में,
मेरा सफ़र बहुत कठिनाइयां से भरा हुआ,
मेरा स्वाभिमान मेरे देश के वीरों में है।

मुसाफिर हूं मैं उस बलिदान का ,
हर रंग में मिला लिपटा तिंरगा मिले,
मुझे हर आजादी ए रंग शाहिदी में,
भारत माता का नाम मिलें।

मैं महफूज़ रहूं उस गोद में,
जिसमें मुझे वो बुढ़ी मां मिलें,
सरहद पर खड़ा वो वीर सुरमा,
ख़ून से महकती जमीं मिलें।

लेखिका कवियत्री नीतू नागर अम्बर नरसिंहगढ़ मध्यप्रदेश

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