यादें/ सुचेता कटारिया

कुछ अच्छी
कुछ बुरी यादें
मन हो जाता  है
विचलित फिर
इन्हीं यादों के आने से।
भूल नहीं पाते है
तो क्या
बहुत कुछ
सीख पाते हैं
इन्हीं यादों के आने से।
समय गुज़रा
गलतियां कर
बिगड़े काम
याद आते हर पल
इन्हीं यादों के आने से।
ठीक करना हैं
बहुत कुछ
ये सीख पाते
जल्द ही
इन्हीं यादों के आने से।
अच्छी यादें
रखनी हैं
संजोकर तभी
खुश हो पाएंगे
इन्हीं यादों के आने से।

~ सुचेता कटारिया

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