रघुवर / मिठू डे

श्री रघुवर की भूमि पर, पावन सरयू धार।
रोम रोम में भक्ति है, झूम रहे नर नार।।

राम भक्त हनुमान जी, कृपा करो भगवान।
मोह, लोभ,माया सभी, त्यागो मनु अभिमान।।

रघुवर के सब दास जन, धन्य देव रघुनाथ।
रक्षा करना देव तुम, पकड़े रहना हाथ।।

धन्य अयोध्या भूमि पर, जन्में जय श्री राम।
पावन धरती चूम कर, भज लो रघुवर नाम।।

राजपाट को त्याग कर, चले राम वनवास।
सब सुख वैभव तज दिया,छोड़ भव्य निवास।।

कौशल्या माँ रो रही, त्यागे दशरथ प्राण।
निभा दिया अपना वचन, कितने आप महान ।।

केवट, शबरी सब हुए, जिनसे वह उद्धार।
पग पग पर संकट वही ,झेले राजकुमार ।।

नर नारायण रूप में, जन्में तुम अवतार ।
तेरे चरणों में मिले, सदा मोक्ष दरबार ।।

धन्य हुआ संसार यह, पाकर दर्शन आज ।
बिन तेरे कोई नहीं, हृदय राम स्वराज ।।

वध रावण का जब हुआ, बरसे पुष्प फुहार ।
शंखनाद मुखरित हुआ, महिमा अपरंपार।।

गली गली दीपक जले, आया पावन पर्व।
चौदह वर्षो बाद फिर,करे अयोध्या गर्व ।।

रामसिया जोड़ी मधुर, बांटे प्रेम अनूप।
तीनों लोकों में नहीं, ऐसा मोहक रूप।।

~ मिठू डे (स्वरचित)

वर्धमान,वेस्ट बंगाल

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