अपना शहर
ये अपना शहर महानतम।
यह मेरी शहर महानतम ।।
आज झांसी नाम इसका है।
पहले बलवन्त नगर था नाम ।।
महारानी लक्ष्मीबाई झांसी।
पहले मणिकर्णिका मनु नाम ।।
राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त।
चिरगांव के ये था दद्दा नाम ।
उपन्यासकार बहुत प्रसिद्ध।
डा विन्द्रावन लाल वर्मा नाम ।।
चन्द्रशेखर आजाद ने यहीं पर ।
किया था क्रांतिकारी काम ।
भारत की जनता इनको ही।
सम्मान के साथ करती सलाम ।।
हाकी के जादूगर कहलाते थे ।
दद्दा ध्यानचंद को करता प्रणाम।।
~ डा राजेश तिवारी मक्खन
झांसी उ प्र
